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EditPhoto Title:कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम
EditPhoto Description:देश की युवा पीढ़ी को शिक्षित, सक्षम, सबल, सशक्त व समृद्ध बनाने के महाअभियान में अपनी भागीदारी निभाएं
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EditImage Description:Sabal Bharat.
EditPhoto Credit:© SabalBharat
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समाज के किसी भी क्षेत्र में बदलाव लाना किसी एक व्यक्ति या संस्था के बूते की बात नहीं है। इसके लिए सामूहिक सोच, समझ और प्रयास आवश्यक होते हैं। इन्हें क्रियान्वित करने के लिए समर्पित टीम का होना भी जरूरी है।


‘सबल भारत कार्यक्रम’ की समूची कार्यप्रणाली टीम भावना पर आधारित है। इस टीम का मार्गदर्शक करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के मार्गदर्शक भी इस अनूठे कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं।

आप भी ‘सबल भारत कार्यक्रम’ से जुडक़र समाज में व्यापक बदलाव के सारथी बन सकते हैं। आप विद्यार्थी हो या खिलाड़ी, शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हो या प्रशिक्षण के क्षेत्र में, रोजगार प्रदान करने में सक्षम हो या कौशल विकास का प्रशिक्षण देने वाले विशेषज्ञ, भामाशाह हो या जमीनी स्तर पर समाज के उत्थान का कार्य करने वाले स्वयंसेवक, आप हमसे जुड़ सकते हैं।


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EditTitle:फुल एसएमटी लाइन
EditText:फुल एसएमटी लाइन इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के ग्रीन कार्ड बनाने के काम आती है। सबल भारत संस्थान ने दुनिया में फुल एसएमटी लाइन बनाने की अग्रणी कंपनी वाईबी टेक सॉल्यूशन के साथ करार किया है। करार के मुताबिक तीन महीने बाद जयपुर में ग्रीन कार्ड बनाने की एसएमटी लाइन पर प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा। आगामी तीन साल में 70 हजार युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में प्रशिक्षण व रोजगार प्रदान किया जाएगा। गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया को मूर्त रूप देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने एसएमटी लाइन से संबंधित कई कोर्स तैयार किए हैं। सबल भारत इन्हीं के मुताबिक प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
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EditTitle:होस्पिटालिटी
EditText:‘अतिथि देवो भव’ की संस्कृति भारत का मूल है और आतिथ्य हमारे संस्कारों में है। अतिथि हमारी सांस्कृतिक चेतना के स्वरूप है। वे जहां जाते हैं स्वयं से श्रेष्ठ स्थान मान कर जाते हैं, उनका विश्वास सेवा करने वाले का मंगल ही करता है। वर्तमान में रोजगार की दृष्टि से ‘होस्पिटालिटी’ तेजी से उभरता हुआ सेक्टर है। इस क्षेत्र में स्वरोजगार की भी अपार संभावनाएं हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक आगामी पांच वर्षों में ‘होस्पिटालिटी’ सेक्टर में 20 लाख रोजगार सृजित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन और ‘होस्पिटालिटी’ में सीधा संबंध है। जैसे-जैसे पर्यटन उद्योग में तेजी आएगी ‘होस्पिटालिटी’ सेक्टर में भी वृद्धि होगी। सबल भारत संस्थान में ‘होस्पिटालिटी’ से जुड़े विभिन्न कोर्स व प्रशिक्षण आयोजित किए जाते हैं।
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EditTitle:क्विक सर्विस रेस्टोरेंट्स (क्यूएसआर)
EditText:भारत में फास्ट फूड का बाजार बढ़ रहा है। छोटे शहरों में भी बाजार वृद्धि की राह पर है। घरेलू स्तर पर बाजार का आकार सात हजार करोड़ रुपये से भी ऊपर है और आने वाले तीन वर्षों में बाजार का आकार दोगुना होने का अनुमान है। छोटे शहरों में विश्वस्तरीय ब्राण्ड्स आ रहे हैं और आने वाले वर्षों में बाजार वार्षिक स्तर पर 17 से 18 प्रतिशत की दर से विकसित होने की संभावना है। कुल क्यूएसआर बाजार में वैश्विक ब्राण्ड्स की मौजूदगी 63 प्रतिशत के करीब है और इसमें और वृद्धि होने की संभावना है। इस स्थिति में क्विक सर्विस रेस्टोरेंट्स (क्यूएसआर) के क्षेत्र में अपार रोजगार होंगे। सबल भारत संस्थान क्विक सर्विस रेस्टोरेंट्स (क्यूएसआर) के क्षेत्र में विभिन्न कोर्स संचालित कर रहा है। इनसे न केवल रोजगार मिलेगा, बल्कि स्वरोजगार के भी द्वार खुलेंगे।
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EditTitle:कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (सीआरएम)
EditText:वर्तमान में सफल उद्यमी बनने के लिए ग्राहक के साथ अच्छे संबंध का आधार तैयार करना आवश्यक हो गया है, क्योंकि यह ग्राहक के हाथ में होता है कि उसे आपका ब्रांड आकर्षित कर रहा है या नहीं। इसलिए प्रत्येक कंपनी का यह प्रयास रहता है कि ग्राहक से सीधे तौर पर संपर्क स्थापित किया जाए। इस तकनीक को ‘कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट (सीआरएम)’ हैं। दरअसल, सीआरएम कंपनी और कस्टमर के बीच सूचना के आदान-प्रदान में ब्रिज का काम करता है। यह कस्टमर कॉन्टेक्ट, मार्केट सर्व, कस्टमर पूछताछ आदि से संबंधित सभी इंफॉर्मेंशन को मेंटेन करने में मदद करती है। इस क्षेत्र में रोजगार के ढेरों अवसर मौजूद हैं, जिनमें तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। सबल भारत संस्थान सीआरएम से जुड़े कई कोर्स करवाता है।
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EditTitle:रिटेल मैनेजमेंट
EditText:बेहद कठिन व प्रतिस्पर्धी होती व्यापारिक परिस्थितियों में व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए रिटेल मैनेजमेंट अहम कड़ी बन चुका है। देश में बहुत से शॉपिंग मॉल हैं और कई कंपनियों के अनगिनत रिटेल आउटलेट्स एवं शोरूम, हर छोटे-बड़े शहर में उपलब्ध हैं। प्रत्येक रिटेल कम्पनी में टीम मेंबर से लेकर सीनियर मैनेजर के जॉब्स होते हैं। अगर आपकी अंग्रेजी भाषा पर अच्छी पकड़ है, तो मल्टीनेशनल कंपनियों के विदेश में स्थित शोरूम में नौकरी पा सकते हैं। यहां मार्केटिंग से लेकर ब्रांडिंग तक के अवसर मौजूद हैं। सबल भारत रिटेल मैनेजमेंट के क्षेत्र में व्यावहारिक व प्रायोगिक प्रशिक्षण प्रदान कर युवाओं के लिए रोजगार के द्वार खोल रहा है।
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EditTitle:सौर ऊर्जा
EditText:दुनिया भर में पैट्रोल एवं गैस जैसे ऊर्जा के पारम्परिक संसाधनों की बढ़ती कीमतों के बीच ऊर्जा के गैर-पारम्परिक स्रोतों को पहले से कहीं अधिक महत्व दिया जाने लगा है। इनमें सौर ऊर्जा का विकास तेजी से हो रहा है। इस क्षेत्र में पेशेवरों की मांग लगातार बढ़ रही है। एक अनुमान के अनुसार सौर ऊर्जा संबंधी तकनीकी कामों में 60-65 प्रतिशत इलैक्ट्रिकल इंजीनियर्स, 20 से 25 प्रतिशत मैकेनिकल इंजीनियर्स, 10 प्रतिशत इलैक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स और बाकी सिविल इंजीनियर्स की जरूरत पड़ेगी। सबल भारत इस क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, राष्ट्रीय उद्यमिता एवं व्यवसाय विकास संस्थान, ग्रीन जॉब्स व राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान के साथ मिलकर पिछले एक अरसे से प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है।
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EditTitle:टेलीकॉम
EditText:भारत में टेलीकॉम इंडस्ट्री की गति अन्य समकक्ष देशों के तुलना में कहीं अधिक है। जैसे-जैसे यह क्षेत्र आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे इसमें नए-नए तरह के रोजगारों का भी सृजन हो रहा है। इस साल टेलीकॉम सेक्टर में करीब 20 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। एक रिपोर्ट के अनुसार नई कंपनियों की एंट्री होने और सरकार की मेक इन इंडिया जैसी पहल और मोबाइल अर्थव्यवस्था पर जोर से इस क्षेत्र को रफ्तार मिलेगी। टेलीकॉम के जिन क्षेत्रों में श्रमबल की जरूरत बढ़ेगी उनमें हैंडसेट कंपनियों में 17.6 लाख और (सर्विस प्रोवाइडर) सेवाप्रदाता कंपनियों में 3.7 लाख हैं। सबल भारत टेलीकॉम सेक्टर में रोजगार प्रदान करने वाले कोर्स व प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है।
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EditTitle:ब्यूटी एंड वेलनेस
EditText:आज के दौर में अपनी सुंदरता और स्वास्थ्य के लिए लगभग हर व्यक्ति सजग है। लोगों की आदत में आए इस बदलाव ने ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर में रोजगार के ढेरों अवसरों को जन्म दिया है। केंद्र सरकार का मानना है कि इस सेक्टर में हर साल 10 लाख रोजगार देने की क्षमता है। स्वरोजगार की भी इस क्षेत्र में प्रचुर संभावनाएं हैं। विशेष रूप से महिलाओं के लिए इस क्षेत्र में रोजगार के ज्यादा अवसर हैं। इसका कारण यह है कि महिलाएं सुंदरता और सेहत के प्रति पहले से जागरुक रही हैं। वे इस क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर आसानी से स्वावलंबी बन सकती हैं। सबल भारत संस्थान ब्यूटी एंड वेलनेस सेक्टर में कई कोर्स व प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है जो रोजगार व स्वरोजगार में सहायक हैं।
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